Kho Kho Information in Hindi|खो खो की जानकारी

Kho Kho information in Hindi – नमस्कार दोस्तों ! स्वागत है आपका Sportskeedalive ब्लॉग में| तो इस ब्लॉग पोस्ट में हम जानने वाले है खो-खो खेल के बारे में| ये खो – खो खेल क्या है ? और क्या हम इस खेल को कैसे खेल सकते है? तो इन सभी बातो को हम इस पोस्ट में विस्तारपूर्वक जानेंगे|

 

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खो-खो गेम क्या है?


co co game यह एक सामान्य गेम है जो की भारत में बहुत ही प्रसिध्य माना गया है ,यह खेल भारत के ग्रामीण भाग में बहुत ज्यादा खेला ज्याता है। खो खो एक मैदानी खेल है ,जो हर कोई खिलाडी इसके बारेमे जानता है वह इस खेल को अच्छे से खेल सकता है।

 

खो-खो गेम को खेलने के लिए मैदान में दो खम्बो की जरुरत होती है। वैसे इस खेल को खेलने के लिए खिलाड़ियोकि तंदुरुस्ती और उनके अंदर ऊर्जा की बहुत ज्यादा जरुरत होती है। अगर खो-खो गेम को को खेलना है तो प्लेयर की क्षमता बहुत होनी चाहिए। यह एक स्वदेशी गेम है इस गेम को कभी भी खेला ज्या सकता है।

 

इतिहास (kho kho History)


इस खेल की इतिहास को देखा जाए तो ये खेल बहुत ही प्राचीन खेल माना गया है. इस खेल को भारत का प्रोगाताहसिक खेलो में एक माना ज्याता है इस खेल को प्राचीन काल से माना ज्याता है. इस खेल की शुरुवात आत्मरक्षा और आक्रमण प्रत्यक्षण के कौशल्या को विक्सित करने के लिए माना ज्याता है. kho kho in hindi में पूरा इतिहास दिया गया है 

 

खो-खो खेल का जन्म्स्तान बडौदा माना गया है. इस खेल को ज्यादा मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे देशो में ज्यादा प्रमाण पर खेला ज्याता है . भारत के अलावा और कई प्रदेशो में इस खेल की ख्याति बढ़ रही है और लोग इस खेल को ज्यादा पसंद करने लग रहे है. इस खेल में कुछ मर्यादा की जरुरत नही होती है और इस खेल को महिला एव पुरुष दोनों भी खेल सकते है .

 

वैसे तो इस खेल को खेलने के लिए कोई भी नियमो की नियमावाल्ली नहीं है लेकिन इस खेल को जब १९१४ में पहली बार पुणे के जिमखाने में खेला गया तो उन्होंने फेरबदल करके कुछ नियम बना दिए थे. co co game की पहली प्रतियोगिता १९१८ में पुणे के जिमखाने में खेलिगायी थी फिर दूसरी प्रतियोगिता बडौदा के जिमखाने में १९१९ में खेली गयी जो की पूरी नियमावली के साथ थी.

 

खो-खो खेल कैसे खेलते है ? (How to Play Kho Kho)


इस kho kho information in hindi पोस्ट में खेल को खेलने का तरीका बताया है. खेल को खेलने के लिए किसी भी गेंद की आवश्यकता नही होती है यह एक सामान्य तौर का गेम है. इसे खेलने के लिए केवल १११ फूट लम्बे और ५१ फूट चौड़े मैदान की जरुरत होती है. खो-खो खेल में दोनों तरफ से दो दो फूट का अंतर छोड़ के चार फूट ऊँचे दो लकड़ी के खाम्ब खड़े किये ज्याते है . और खम्बो के बिच में खिदाली को खेलने के लिए बैठाया ज्याता है.

 

दोनों टीम के खिलाडी एक दुसरे के तरफ विरुध्य दिशा में मुह करके बैठ ज्याते है. अब दोनों टीम को  पारी खेलने के लिए सात सात मिनिट का टाइम दिया ज्याता है. जिसमे हर टीम के एक खिलाडी को खम्बो के पास खड़ा रहना पड़ता है. और फिर एक दुसरे को पकड़ने के लिए पीछा करना पड़ता है इसकी सुरुवात सिटी बजाकर की ज्याति है. 

 

फिर खेल को आचे से सुरु कुया ज्याता है, अब पीछा करने वाले खिलाडी को विरोदी पक्ष के खिलाडी को पकड़ना होता है. जब पीछा करने वाला खिलाडी विरोधी पक्ष के निकट आ ज्याता है तो वह खिलाडी पक्तियों में बैठे अपने खिलाडी को हाथ लगाकर “खो” कहता है. तो वह उठकर भागने लगता है और विरोधी पक्ष वाला खिलाडी पहले खिलाडी को छोडकर दुसरे खिलाडी का पीछा करने लगता है.

 

इस खेल में अगर विरोधी पक्ष के खिलाडी के हाथ में सात मिनिट में खिलाडी पकड़ा ज्याता है तो उन्हें पॉइंट मिल ज्याता है और न पकड़ा ज्याए तो सामने वाली टीम को पॉइंट दिया ज्याता है.

 

Important points of the kho kho game (खो -खो खेल के महत्वपूर्ण बिंदु)


तो दोस्तों जैसे की उपर हमने खो खो खेल कैसे खेलते है और खेल का कुछ पुराना इतिहास जान लिया है, अब हम खो खो खेल के कुछ बहुत ही ज्यादा महत्व पूर्ण बिंदु जानने ज्या रहे है. जो हर खोखो खिलाडी को पता होना बहुत जरुरी है.

 

 खो खो खेल के महत्वपूर्ण बिंदु Important points of the game

 

  1. खो-खो खेल के मैदान का आकर आयताकार ही होता है.
  2. खो-खो खेल की मैदान की लम्बाई कुल २९ मीटर होती है.
  3. खो खो खेल के  मैदान की चौड़ाई कुल १6 मीटर.
  4. खो खो खेल में पुरे खिलाडी (९ + 3  खिलाडी)
  5. खो -खो खेल में मैदानी में 2 पारिया होती है जो की चार बार खेली ज्याति है.
  6. खेल में वर्गों की संख्या 8 होती है .
  7. वर्गों में बैठने वाले खिलाडी को अनुवाधक कहते है.
  8. जो खिलाडी पकड़ने वाला होता है उसे सक्रिय अनुवाधक कहते है.
  9. मैच का टाइम (९-५ -९ ) ९ (९-५-९) मिनिट होता है.
  10. मध्यांतर का समय ५ मिनिट होता है.
  11. खेल की शुरुवात सिटी की आवाज से होती है 

 

खो-खो खेल में कितने खिलाडी होते है ? (How many players in Kho Kho)


co co game में कुल १२ खिलाडी होते है जिसमे  ९ खिलाडी खेलने वाले होते है और इस गेम को सिर्फ पुरुष ही नही बल्कि महिला भी इस खेल को खेल सकती है और इस खेल का आनंद ले सकती है.

 

खो – खो खेल का कौशल्य


  • पीछा करना – कोई भी खिलाडी को पीछा करते समय, खो आवाज को जोर से दे देना चाहिए और बैठे खिलाडी को छु ले न चाहिए.
  • ध्रुव पर मुढना – खिलाडी को ध्रुव के चारो और मूढ़ने के लिए एक हाथ का उपयोग करना चाहिए, और दुसरे खुले हाथ का उपयोग खिलाडी को चुने के लिए किया ज्याता है.
  • पीछा – चेजर जब क्रोस लाइन के तरफ चलता है तब धावक पीछा करने की कोशिश करता है.
  • गोताखोरी – जब चेजर को दागता है की धावक अपने पीछे पंहुचा है तो वह एक गोत खता है.

 

खिलाडी की योग्यता 


  • रनिंग – खिलाडी एक अच्छा धावक होना चाहिए और उसकी रनिंग बढ़िया होनी चाहिए. जिससे उसे कोई जल्दी पकड़ न सके.
  • चकमा देना – खिलाडी को रनिंग के साथ ही अपने शारीर को चकमा देना आना चाहिए जिससे कोई खिलाडी उसे छु न सके.
  • आवाज – खिलाडी को अपने आवाज और आपने कानो पर भी ध्यान देना चाहिए ताकि खो आवाज बोलने पर सुनाइ दे.
  • फाउल – बैठा हुवा चेजर किसी भी तरह का उल्लंगन करता है तो फाउल दिया ज्याता है.

 

खेल के नियम (kho kho game rules)


  1. गेम को खेलने के लिए ग्राउंड को पूर्ण निय्मावाल्ली के साथ होना चाहिए.
  2. इस गेम की शुरुवात और गेम का निर्णय सिटी बजकर ही होना चाहिए.
  3. खेल में कुल बार खिलाडी होते है जिसमे से सिर्फ ९ खिलाडी ही खेलने चाहिए .
  4. सभी खिलाडी को एक दुसरे के क्रोस में ही बैठना अनिवार्य है.
  5. बैठे हुवे खिलाडी को खो आवाज स्पष्ट देना चाहिए .
  6. अगर खिलाडी बिना खो आवाज के खड़ा होकर भागने लगे तो फ़ाउल माना जायेगा.
  7. खो खो में खिलाडी को उनकी क्षमता और आवाज की तरफ पूरा ध्यान देना चाहिए .
  8. रनर सीमा से बाहर हो जाए तो वह आउट हो ज्याता है .
  9. ‘खो’ आवाज देने पर खिलाडी को सक्रिय ही स्तन ग्रहण करना होता है .
  10. अगर रनर के दोनों पैर लाइन के बाहर आये तो वह आउट माना ज्याता है.
  11. नियम या उल्लागन के तरह रनर अगर प्लेयर को छु ले तो आउट माना ज्याता है .
  12. अगर रनर ने खिलाडी को हाथ लगा दिया जाए तो वह आउट माना जायेगा.

 

खो – खो खेल के मुख्य नियम (Main rules kho kho game)


  • चेजर – बैठने वाले टीम के सदस्य जब चुने की कोशिश करते है तब क्रोस लाइन के पास बैठे हुए चेजर सिट इन स्कायर चलते है.
  • धावक – विरोधी टीम के खिलाडी जो खुद को छूने से बचाते है वही धावक कहलाते है.
  • क्रॉस लेन – प्रत्येक आयताकार की लंबाई 16 मीटर चौड़ाई 30 सेंटीमीटर होती है। यह केंद्र रेखा को समकोण अथार्त 90 डिग्री पर काटती है। यह स्वंय भी दो अध्दर्क में बंटा होता है। क्रॉस – लेन के काटने पर बने 30 सेंटीमीटर × 30 सेंटीमीटर के क्षेत्र को वर्ग कहा जाता है।
  • सेन्ट्रल लेंन – एक पोल से दुसरे पोल की बिच में जो लाइन्स होती है उसे सेन्ट्रल लाइन्स कहते है.
  • खो – एक चेजर से दुसरे को बोले जाने वाला शब्द.
  • लेट – खो – जब खेलने वाला चेजर दुसरे खिलाडी को छूने में लेट कर देता है.
  • लाइन कट – जब चेजर अपने प्रतिस्पर्धी की लाइन को क्रोस करता है.
  • दिशा बदलना – जब चेजर अपनी दिशा भूलकर दूसरी दिशा में ज्याता है.
  • शुरवाती गेटअप – जब शुरुवल में उठने या उठाने से पहले खेला ज्याता है.
  • वर्गाकार – चेंत्रल लाइन और क्रोस लाइन से कटा गया वर्गाकार क्ष्रेत्र जिसमे प्लेयर बैठते है.
  • मायनस खो – जब खिलाडी खड़े हुवे खम्बो को टच नाह करता या फिर बिना खो बोले दुसरे खिलाडी को छु लेता है तब मायनस खो दिया ज्याता है.
  • लॉबी – खेल में आउट खिलाडी को बैठने का खली स्थान.
  • ध्रुव – एक विशेष रूप से लकड़ी का बना हुवा ढाचा जिसे खिलाडी के लिए स्तित किया ज्याता है .
  • मुक्त क्ष्रेत्र – ध्रुव के किनारे वाला क्ष्रेत्र जिसमे किसी भी दिशा या नियम का पालन नही किया ज्याता खिलाडी मन से खेल सकता है.

 

मैच के नियम (co co match rules)


  • co co match में हर टीम में कुल ९ खिलाडी की संक्या होंगी .
  • प्रत्येक मैच में कुल चार पारी होती है .
  • प्रत्येक पारी को ९ मिनिट दिए जायेंगे .
  • दो पारिया चुने की और दो पारिया दौड़ने की होती है.
  • एक पारी के बिच ५ मिनिट और दो पारियों के बिच में कुल ९ मिनिट का ब्रैक लिया जायेगा .
  • रनर खिलाडी को “खो” देना अनिवार्य है , अगर वह खो नही देगा तो उसे आउट माना जायेगा.
  • नौक आउट में मैच के अंत में अधिक अंक प्राप्त कंरने वाले खिलाडी को विजेता घोषित किया जाएगा.
  • लीग प्रणाली के दौरान विजेता टीम को कुल दो अंक प्राप्त किया जायेगे.
  • अगर किसी कारन मैच पूरा नही होगा तो पिछले मैच के अंक को देखकर फिर विजेता को घोषित किया ज्याता है.

 

खो-खो की स्पर्धाये (Kho Kho game Tournaments)


जैसे खो-खो गेम की ख्याति बढ़ने लगी है वैसे ही भारत में इस खेल को बहुत ज्यादा प्राधान्य दिया ज्याने लगा है. खो-खो गेम की स्पर्धाये के नाम निचे दिए गए है –

  • राष्ट्रीय खो-खो स्पर्धा 
  • राष्ट्रिय कुमार स्पर्धा 
  • राष्ट्रिय निम्नस्तरीय कुमार स्पर्धा 
  • आंतरशालेय स्पर्धा 
  • राष्ट्रिय महिला स्पर्धा

 

खो-खो मैच के अधिकारी 


मैच की व्यवस्ता के लिए अधिकारियो की बहुत जरुरत होती है . ऐसे ही खो खो खेल में किन अधिकारियोकी आवश्यकता है उनके नाम –

  • अंपायर (दो)
  • रेफरी 
  • टाइम कीपर 
  • स्कोरर 

Best Dives In Kho Kho Game

 

 


Conclusion – आपको यह kho kho information in hindi| खो -खो की जानकारी  समबंदित पोस्ट कैसा लगा| निचे कमेंट करके अपनी राय जरुर दे| साथ ही इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करे और कुछ प्रॉब्लम आये तो हमे संपर्क करना न भूले| ताकि आपके दोस्त भी इसके बारे में जान सके|


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13 thoughts on “Kho Kho Information in Hindi|खो खो की जानकारी

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